International Snow Leopard Day 2026: इतिहास, महत्व और हिम तेंदुए से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

International Snow Leopard Day हर साल 23 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य हिम तेंदुए के संरक्षण, उसके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और जैव विविधता के प्रति लोगों को जागरूक करना है। हिम तेंदुआ एशिया के ऊँचे पर्वतीय क्षेत्रों में पाया जाने वाला एक दुर्लभ और आकर्षक वन्यजीव है। इसे अंग्रेजी में Snow Leopard तथा पहाड़ों का भूत (Ghost of the Mountains) भी कहा जाता है, क्योंकि इसका रंग बर्फीले वातावरण में आसानी से घुल-मिल जाता है और इसे जंगल में देखना काफी कठिन होता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2024 में 23 अक्टूबर को आधिकारिक रूप से अंतर्राष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस घोषित किया।

अंतर्राष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस का इतिहास :-

  • शुरुआत :- दिवस मनाने की शुरुआत वर्ष 2013 में हुई थी।
  • पहला वैश्विक मंच :- 23 अक्टूबर 2013 को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में हिम तेंदुए के संरक्षण पर पहला वैश्विक मंच आयोजित किया गया।
  • बिश्केक घोषणा :- इस मंच पर हिम तेंदुए और उसके पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए बिश्केक घोषणा को अपनाया गया।
  • 12 देशों की भागीदारी :- हिम तेंदुए के प्राकृतिक आवास वाले 12 देशों ने इसके संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
  • दिवस मनाने की सहमति :- इन देशों ने प्रत्येक वर्ष 23 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय हिम तेंदुआ दिवस मनाने पर सहमति जताई।
  • संयुक्त राष्ट्र की मान्यता :- वर्ष 2024 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रस्ताव A/RES/79/143 के माध्यम से 23 अक्टूबर को आधिकारिक संयुक्त राष्ट्र दिवस घोषित किया।
  • मुख्य उद्देश्य :- हिम तेंदुए का संरक्षण करना, उसके प्राकृतिक आवास की रक्षा करना और वैश्विक एवं क्षेत्रीय स्तर पर संरक्षण के प्रयासों को मजबूत बनाना।

हिम तेंदुआ क्या है और यह कहाँ पाया जाता है?

हिम तेंदुआ (Panthera uncia) बिल्ली परिवार का एक दुर्लभ शिकारी जीव है, जो मुख्य रूप से हिमालय और मध्य एशिया की ऊँची पर्वत शृंखलाओं में पाया जाता है। इसका शरीर धूसर-सफेद फर, काले धब्बों और लंबी पूँछ से ढका होता है, जो इसे ठंडे और बर्फीले वातावरण में जीवित रहने में मदद करता है। यह भारत, नेपाल, भूटान, चीन, मंगोलिया, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान सहित 12 देशों में पाया जाता है। भारत में हिम तेंदुए मुख्य रूप से लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के ऊँचे पर्वतीय क्षेत्रों में रहते हैं।

इस अवसर पर विभिन्न देशों में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, शैक्षणिक गतिविधियाँ और हिम तेंदुए के प्राकृतिक आवास की सुरक्षा से संबंधित पहल आयोजित की जाती हैं। वर्ष 2025 में भारत में #23for23 अभियान के तहत लोगों को हिम तेंदुए के सम्मान और संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए 23 मिनट की शारीरिक गतिविधि करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था।

भारत में हिम तेंदुओं की संख्या :-

  • वैज्ञानिक आकलन :- भारत में हिम तेंदुओं की आबादी का पहला व्यापक वैज्ञानिक आकलन Snow Leopard Population Assessment in India (SPAI) के तहत किया गया।
  • आकलन की अवधि :- वर्ष 2019 से 2023 के बीच।
  • रिपोर्ट जारी होने की तिथि :- 30 जनवरी 2024।
  • भारत में कुल आबादी :- देश में अनुमानित 718 हिम तेंदुए दर्ज किए गए।
  • लद्दाख :- 477 हिम तेंदुए।
  • उत्तराखंड :- 124 हिम तेंदुए।
  • हिमाचल प्रदेश :- 51 हिम तेंदुए।
  • अरुणाचल प्रदेश :- 36 हिम तेंदुए।
  • सिक्किम :- 21 हिम तेंदुए।
  • जम्मू-कश्मीर :- 9 हिम तेंदुए।
  • सबसे अधिक हिम तेंदुए :- लद्दाख में पाए गए।
  • मुख्य उद्देश्य :- हिम तेंदुओं की आबादी का आकलन करना, उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा करना और संरक्षण के प्रयासों को मजबूत बनाना।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण :- SPAI रिपोर्ट 2024 के अनुसार, भारत में हिम तेंदुओं की अनुमानित संख्या 718 है।
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