राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस हर साल 07 नवंबर को मनाया जाता है।

राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस हर साल 07 नवंबर को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इसके लक्षणों को पहचानना और समय पर उपचार करवाने के लिए प्रेरित करना है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि लोगों को कैंसर के कारणों, लक्षणों और बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी मिले। भारत में राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। इस दिवस को मनाने की पहल डॉ. हर्षवर्धन ने की थी, जो उस समय भारत के स्वास्थ्य मंत्री थे। सितंबर 2014 में एक समिति गठित की गई जिसने हर साल 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कैंसर नियंत्रण पर राज्य स्तरीय आंदोलन शुरू किया और लोगों को मुफ्त जांच के लिए नगर निगम क्लीनिकों में आने के लिए प्रोत्साहित किया।

भारतीय कैंसर कांग्रेस के उद्घाटन के अवसर पर प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में देश में हर साल 1.4 मिलियन (14 लाख) नए कैंसर के मामले सामने आते हैं, वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 2040 तक यह बढ़कर 2 मिलियन (20 लाख) हो सकता है। आंकड़े बताते हैं कि भारत में कैंसर के सबसे ज्यादा मामले पूर्वोत्तर राज्यों से आ रहे हैं। स्तन कैंसर सबसे गंभीर प्रकार के कैंसर में से एक है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर 1 लाख महिलाओं में से 105.4 महिलाएं स्तन कैंसर का इलाज करा रही हैं।

7 नवंबर को ही क्यों मनाते हैं ?

7 नवंबर को कैंसर जागरूकता दिवस मनाने की एक खास वजह है। इस दिन नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक मैडम क्यूरी का जन्मदिन है। मैडम क्यूरी ने कैंसर से लड़ने में अहम योगदान दिया था। उनके योगदान को याद करने के लिए हर साल मैडम क्यूरी के जन्मदिन के मौके पर कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है।

कैंसर के प्रमुख प्रकार :-

  • स्तन कैंसर :- विशेष रूप से महिलाओं में पाया जाता है।
  • फेफड़ों का कैंसर :- तम्बाकू और धूम्रपान के कारण होने वाला कैंसर।
  • मुँह का कैंसर :- तम्बाकू, गुटखा, और पान मसाला का सेवन करने वालों में अधिक पाया जाता है।
  • गर्भाशय का कैंसर :- महिलाओं में पाया जाने वाला एक प्रमुख कैंसर।
  • त्वचा का कैंसर :- सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के कारण होने वाला।

कैंसर के कारण :-

  • तम्बाकू और धूम्रपान का सेवन
  • असंतुलित आहार और शराब का सेवन
  • संक्रमण जैसे – हेपेटाइटिस बी, सी और एचपीवी।
  • अनुवांशिक कारण
  • रासायनिक और रेडियोधर्मी तत्वों के संपर्क में आना

सामान्य लक्षण :-

  • शरीर में अचानक गांठ या सूजन
  • खांसी और साँस में दिक्कत होना
  • बार-बार बुखार या थकान
  • वजन का अचानक कम होना
  • शरीर के किसी हिस्से में असामान्य दर्द या रक्तस्राव

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