The Unyielding Judge: The Life and Legacy of Justice A.N. Grover का विमोचन

The Unyielding Judge: The Life and Legacy of Justice A.N. Grover ( पूरा नाम जस्टिस अमरनाथ ग्रोवर ) के विमोचन पर, अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि ने न्यायिक ईमानदारी के महत्व पर प्रकाश डाला। यह पुस्तक भारत के सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस ए.एन. ग्रोवर के जीवन, उनके न्यायिक दृष्टिकोण और उनके द्वारा स्थापित न्यायिक परंपराओं पर प्रकाश डालती है। यह पुस्तक जस्टिस ए.एन. ग्रोवर की जीवनी ही नहीं है, बल्कि भारतीय न्याय व्यवस्था की ऐतिहासिक यात्रा का दस्तावेज भी है। जस्टिस ग्रोवर का जीवन उन व्यक्तित्वों में शामिल है, जिन्हें न्यायिक नैतिकता और मूल्यों का प्रतीक माना जाता है। वे न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संविधान के मौलिक अधिकारों के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने न्याय और नैतिकता के बीच संतुलन स्थापित करने में प्रमुख भूमिका निभाई।

इस पुस्तक The Unyielding Judge: The Life and Legacy of Justice A.N. Grover का उद्देश्य नई पीढ़ी को न्यायिक प्रेरणा और भारतीय न्यायपालिका की गहरी समझ प्रदान करना तथा उनके जीवन और कार्य से सीखे गए सबक को साझा करना है। 13 अप्रैल 1950 को पुडुचेरी में जन्मे आर. वेंकटरमणी एक अनुभवी वकील हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट में 40 से ज़्यादा सालों का अनुभव है। उन्होंने पी.पी. राव जैसे प्रतिष्ठित वकीलों के साथ काम किया है और 1997 में उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किया गया था। वे विधि आयोग के सदस्य भी रहे हैं। अटॉर्नी जनरल के तौर पर उनकी भूमिका में सरकार को कानूनी सलाह देना और सुप्रीम कोर्ट के प्रमुख मामलों में उसका प्रतिनिधित्व करना शामिल है।

महत्वपूर्ण फैसले :-

  • केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य (1973)
  • गोलकनाथ बनाम पंजाब राज्य (1967)
  • स्टेट ऑफ मद्रास बनाम चम्पकम दोरैराजन (1951)
  • R.C. Cooper बनाम भारत संघ (1970)
  • मेनका गांधी बनाम भारत संघ (1978)
  • बैंक नेशनलाइजेशन केस (1969)
  • संवैधानिक नैतिकता और न्यायिक स्वतंत्रता

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