PM -विद्यालक्ष्मी योजना को कैबिनेट ने उच्च शिक्षा के लिए मंजूरी दी

PM -विद्यालक्ष्मी योजना को कैबिनेट ने उच्च शिक्षा के लिए मंजूरी दी है। जिसका उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत देश के 860 शीर्ष शिक्षण संस्थानों में चयनित छात्र 10 लाख रुपये तक का एजुकेशन लोन ले सकते हैं। इसमें 7.5 लाख रुपये तक के लोन पर सरकार 75% गारंटी देगी और ब्याज पर 3% की छूट भी मिलेगी। सरकार ने इस योजना के लिए 3,600 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इस योजना का उद्देश्य हर साल 22 लाख छात्रों को लाभान्वित करना है, ताकि वे बिना किसी वित्तीय बाधा के अपने शैक्षिक सपनों को पूरा कर सकें।

PM-विद्यालक्ष्मी योजना की मुख्य विशेषताएं :-

  • पात्रता और ऋण कवरेज :- NIRF रैंकिंग के आधार पर सरकारी और निजी संस्थानों सहित शीर्ष 860 QHEIs में नामांकित छात्रों को ट्यूशन और पाठ्यक्रम से संबंधित खर्चों के लिए पूर्ण शिक्षा ऋण मिलेगा।
  • ऋण राशि और क्रेडिट गारंटी :- छात्र 75% क्रेडिट गारंटी के साथ ₹7.5 लाख तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं, जिससे बैंकों को ऋण वितरित करने में सुरक्षा मिलती है।
  • ब्याज सब्सिडी :- 8 लाख तक की पारिवारिक आय वाले छात्र और जो अन्य सरकारी छात्रवृत्ति का लाभ नहीं उठा रहे हैं, उन्हें ऋण स्थगन अवधि के दौरान ₹10 लाख तक के ऋण पर 3% ब्याज सब्सिडी मिलेगी।
  • लक्षित लाभार्थी :- इस योजना में तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का अध्ययन करने वाले सरकारी संस्थानों के छात्रों को प्राथमिकता दी जाएगी।

पीएम-विद्यालक्ष्मी योजना के प्रमुख बिंदु :-

  • लक्ष्य :- उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को वित्तीय सहायता।
  • लोन राशि :- 10 लाख रुपये तक, बिना गारंटी।
  • संस्थान :- देश के 860 शीर्ष रैंकिंग वाले संस्थानों में प्रवेश जरूरी।
  • ब्याज छूट :- 10 लाख के लोन पर 3% ब्याज छूट।
  • क्रेडिट गारंटी :- 7.5 लाख रुपये तक के लोन पर सरकार द्वारा 75% गारंटी।
  • बजट :- योजना के लिए 3,600 करोड़ रुपये आवंटित।
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म :- ऋण आवेदन और ब्याज अनुदान के लिए एकीकृत पोर्टल ‘पीएम-विद्यालक्ष्मी’
  • कार्यान्वयन समयरेखा :- 2024-25 से 2030-31 तक।

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