
भारत का पहला इंटरनेशनल फाइनेंशियल हब GIFT City आज निवेश और टैक्स लाभ के मामले में देश का सबसे आकर्षक केंद्र बन चुका है। यहाँ स्थापित IFSC यूनिट्स को 100% आयकर छूट (निर्धारित अवधि के लिए), कम MAT दर, GST से राहत और कई अन्य कर प्रोत्साहन मिलते हैं, जिससे कंपनियाँ करोड़ों रुपये की बचत कर सकती हैं। बैंकिंग, फंड मैनेजमेंट, इंश्योरेंस और फिनटेक कंपनियों के लिए यह एक ग्लोबल-लेवल का इकोसिस्टम प्रदान करता है।
हाल ही में प्रसिद्ध बैंकर Uday Kotak की चेयरमैन के रूप में नियुक्ति के बाद GIFT City की विकास गति और तेज होने की उम्मीद है। यह परियोजना भारत को वैश्विक वित्तीय मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
GIFT City क्या है?
GIFT City (Gujarat International Finance Tec-City) भारत का पहला इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) है, जो गुजरात के गांधीनगर में स्थित है। इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक वित्तीय हब बनाना और अंतरराष्ट्रीय निवेश व वित्तीय सेवाओं को आकर्षित करना है।
उद्देश्य :-
- भारत में ही वैश्विक स्तर की बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराना
- विदेशी निवेश (FDI) को आकर्षित करना
- ऑफशोर फाइनेंशियल सर्विसेज को भारत में लाना
- टैक्स व रेगुलेटरी लाभ देकर कंपनियों को प्रोत्साहन देना
- मुंबई, सिंगापुर और दुबई जैसे वित्तीय केंद्रों को प्रतिस्पर्धा देना
यहां कौन-कौन सी सेवाएं मिलती हैं?
- इंटरनेशनल बैंकिंग
- ऑफशोर फंड मैनेजमेंट
- इंश्योरेंस और री-इंश्योरेंस
- कैपिटल मार्केट ऑपरेशंस
- फिनटेक और आईटी सेवाएं
मिलने वाले मुख्य टैक्स लाभ :-
इन्कम टैक्स (आयकर) में बड़ा लाभ
- 100% टैक्स छुट
- GIFT City में स्थापित IFSC यूनिट्स को अपने व्यापार आय (business income) पर 100% टैक्स छुट मिलती है।
- यह छुट कुल 15 वर्षों में से किसी भी 10 लगातार वर्षों के लिए उपयोग की जा सकती है।
- लम्बा टैक्स-हॉलीडे — अब 20 साल तक
- सरकार ने GIFT City कंपनियों के टैक्स-हॉलीडे को 20 साल तक बढ़ा दिया है (पहले 10 साल था)।
- इससे व्यवसायों को लम्बे समय तक टैक्स-मुक्त संचालन का मौका मिलेगा।
कम कर दर (MAT / AMT)
- यदि कोई IFSC यूनिट टैक्स छुट का लाभ नहीं लेती (या छुट के इतर सालों में):
- उन्हें MAT/AMT सिर्फ 9% के दर से लागू होता है, जो भारत के सामान्य दरों की तुलना में काफी कम है।
GST और अप्रत्यक्ष करों में छूट
- GST की छूट
- IFSC यूनिट्स को मिली सेवाओं पर GST लागू नहीं होता — न सेवाएँ मिलने पर, न IFSC के भीतर व्यापार पर।
- उत्पाद/सेवा लेन-देनों पर करों में छूट
- IFSC एक्सचेंज पर होने वाले ट्रेड्स पर STT और CTT नहीं लगते।
- स्टाम्प ड्यूटी और GST जैसे अप्रत्यक्ष करों से भी छूट मिल सकती है।
निवेशकों के लिए कर लाभ
- ब्याज आय पर टैक्स छूट
- IFSC यूनिट्स को दी गई लोन पर नॉन-रेजीडेंट निवेशकों को ब्याज आय पर टैक्स नहीं देना पड़ता।
- नॉन-रेजीडेंट को लाभ
- IFSC से मिलने वाले डिविडेंड पर टैक्स आमतौर पर 10% (withholding tax) ही होता है — यह भी कई मामलों में छूट जैसे नियमों से बेहतर होता है।
- विशेष सिक्योरिटी लाभ
- कुछ वित्तीय उपकरणों (जैसे बॉण्ड, GDR, इक्विटी-सम्बन्धित डेरिवेटिव) को IFSC एक्सचेंज पर ट्रांसफर करने पर पूंजीगत लाभ टैक्स नहीं लगता है।
SEZ (Special Economic Zone) लाभ भी लागू
- GIFT City IFSC को SEZ के रूप में मान्यता मिली है, जिससे अतिरिक्त लाभ भी मिलते हैं:
- कस्टम ड्यूटी में छूट
- इम्पोर्ट पर छूट
SEZ नियमों के अनुरूप आयात-निर्यात गतिविधियों पर टैक्स-रणनीति में विशेष छूट।
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