
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 सितंबर, 2025 को बिहार में “मुख्यमंत्री महिला स्वरोजगार योजना” का शुभारंभ किया। इस योजना के तहत, राज्य की लगभग 75 लाख महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कुल ₹7,500 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। योजना के पहले चरण में, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी महिला के बैंक खाते में ₹10,000 की पहली किस्त सीधे हस्तांतरित की गई। यदि महिलाएं इस राशि का उपयोग स्वरोजगार या छोटा व्यवसाय शुरू करने के लिए करती हैं और उनका काम सफल होता है, तो सरकार उन्हें ₹2 लाख तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करेगी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना और ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना है। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का चयन जीविका समूहों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से किया जाता है, और शहरी क्षेत्रों में ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया लागू की गई है। इस पहल को महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उद्देश्य :-
- प्रत्येक परिवार की एक महिला को अपनी पसंद का स्व-रोज़गार (लघु व्यवसाय/उप-उद्यम) शुरू करने के लिए प्रारंभिक सहायता।
- बैंक खाते में पहली किस्त के रूप में ₹10,000 का सीधा हस्तांतरण।
- व्यापक मूल्यांकन के बाद, यदि व्यवसाय कुशलतापूर्वक संचालित होता है, तो ₹2,00,000 तक की अतिरिक्त सहायता संभव है।
- सरकार द्वारा लाभार्थी के बैंक खाते में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से धनराशि हस्तांतरित करने का प्रावधान।
- महिलाओं द्वारा शुरू किए गए उत्पादों की बिक्री के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय बाज़ारों का प्रावधान।
आवेदन / प्रक्रिया (How to Apply) :-
- पोर्टल / वेबसाइट :- योजना की आधिकारिक वेबसाइट mmry.brlps.in है।
- शहरी महिलाओं को, जो SHG से जुड़ी नहीं हैं, इस पोर्टल पर आवेदन करना होगा।
- ऑनलाइन आवेदन में आवश्यक विवरण :-
- मोबाइल नंबर
- आधार संख्या
- बैंक खाता विवरण (खाता संख्या, IFSC आदि)
- व्यवसाय / रोजगार शुरू करने की योजना / किस प्रकार का काम करेगी — यह विवरण आवेदन फॉर्म में देना होगा
- आधार कार्ड, बैंक पासबुक की स्कैन कॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर (स्कैन अपलोड)
- ग्रामीण क्षेत्र आवेदन प्रक्रिया :-
- जहां महिलाएँ पहले ही SHG (जीविका समूह) से जुड़ी हैं, उनमें आवेदन प्रक्रिया ग्राम/संघ संगठन स्तर पर होगी।
- SHG सदस्य न हों तो उन्हें पहले SHG में जुड़ना होगा और फिर आवेदन करना होगा।
- आवेदन SHG स्तर पर मीटिंग के दौरान समेकित रूप से लिया जाएगा, और फिर आगे जिला / प्रखंड स्तर पर प्रक्रिया होगी।
- मंजूरी / आकलन / वितरण :-
- आवेदन स्वीकार होने के बाद, मूल्यांकन / जाँच की जाएगी।
- पहले चरण में ₹10,000 की राशि DBT के माध्यम से लाभार्थी के खाते में भेजी जाएगी।
- 6 माह बाद, यदि व्यवसाय अच्छा चल रहा हो, तो और ₹2,00,000 तक की अतिरिक्त सहायता दी जा सकती है।
- चक्र / समय सारिणी :-
- पहले चरण की राशि शुरू में सितंबर 2025 से ट्रांसफर की गई है।
- शहरी क्षेत्रों में रजिस्ट्रेशन / आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।पोर्टल / वेबसाइट
- योजना की आधिकारिक वेबसाइट mmry.brlps.in है।
सूची — संभावित 18 प्रकार के काम (उद्यम) :-
- सिलाई, कढ़ाई
- ब्यूटी / पार्लर
- खाद्य प्रसंस्करण (जाम, अचार आदि)
- हस्तशिल्प
- खेती आधारित छोटे स्तर के उद्योग
- पशुपालन
- किराना / दुकान
- अन्य घरेलू उपउद्योग
- कृषि-संबंधित सेवाएँ
- अन्य स्थानीय / पारंपरिक काम
सावधानी / चेतावनियाँ :-
- फर्जी या अनधिकृत लिंक पर क्लिक न करें — ऑफिशियल पोर्टल mmry.brlps.in ही भरोसेमंद है।
- यदि ग्रामीण क्षेत्र में हों और SHG से जुड़ी हों, तो ऑनलाइन फॉर्म भरने की ज़रूरत नहीं हो सकती है — फॉर्म ग्राम संगठन स्तर पर लिया जा सकता है।
- आवेदन करते समय दिया गया बैंक खाता, आधार आदि सभी सही होना चाहिए अन्यथा पैसे नहीं मिलेंगे।
- यह योजना एक बड़ी सार्वजनिक घोषणात्मक योजना है, इसलिए उसके क्रियान्वयन में समय, जाँच, और बुनियादी व्यवस्थाएँ ज़रूरी होंगी — हर आवेदन तुरंत मंजूर न हो।
