
‘एति कोली दुति पात’ असम सरकार की एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी योजना है जिसे मुख्यमंत्री हिमन्त बिस्वा सरमा ने चाय बागान श्रमिकों (Tea Garden Workers) के लिए शुरू किया है। योजना के तहत 6 लाख से अधिक चाय बागान श्रमिकों (स्थायी और अस्थायी दोनों) को ₹5,000 की एकमुश्त सहायता दी जाती है। कुल ₹300 करोड़ से अधिक की राशि 27 जिलों के 836 चाय बागानों और 73 विधानसभा क्षेत्रों में वितरित की जाएगी। यह असम के चाय उद्योग की 200 वर्षीय विरासत को सम्मानित करने और श्रमिकों को तत्काल राहत प्रदान करने का लक्ष्य रखती है।
प्रमुख ऐतिहासिक तथ्य :-
- 1833 में लखीमपुर जिले में पहला चाय बागान स्थापित हुआ, जिसने व्यावसायिक उत्पादन की नींव रखी।
- असम आज भारत के कुल चाय उत्पादन का 50% (लगभग 700 मिलियन किग्रा सालाना) पैदा करता है, जो 3,000 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा कमाता है।
- 2023 में 200 वर्ष पूरे होने पर जोरहाट में जश्न मनाया गया; प्रदीप बरुआ की पुस्तक ‘Two Hundred Years of Assam Tea’ का विमोचन हुआ।
योजना के लिए आवेदन कैसे करें :-
मुख्यमंत्री एति कोली दुति पात योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया सरल है और यह ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीकों से उपलब्ध है। योजना चाय बागान श्रमिकों के लिए डिज़ाइन की गई है, जहां लाभ सीधे बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित होता है।
योग्यता मानदंड
- आवेदक असम का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- मान्यता प्राप्त चाय बागान (संगठित/असंगठित) में पंजीकृत सक्रिय स्थायी या अस्थायी श्रमिक होना आवश्यक है।
- नाम से वैलिड बैंक खाता (आदर्श रूप से आधार से लिंक्ड) होना चाहिए; पूर्व में समान योजना का लाभ न लिया हो।
आवश्यक दस्तावेज :-
- आधार कार्ड (पहचान प्रमाण)
- निवास प्रमाण पत्र (असम का स्थायी निवासी)
- चाय बागान श्रमिक प्रमाण पत्र / गार्डन ID
- बैंक पासबुक (खाता संख्या, IFSC – DBT के लिए)
- मोबाइल नंबर (आधार/बैंक से लिंक)
- पासपोर्ट साइज फोटो
- श्रमिक/कर्मचारी रजिस्ट्रेशन प्रमाण (यदि लागू हो)
- नोट: दस्तावेजों की अंतिम सूची जिला/बागान प्रशासन द्वारा थोड़ी अलग हो सकती है।
आवेदन कैसे करें?
- आपके चाय बागान (Garden) का मैनेजमेंट पात्र श्रमिकों की सूची बनाता है।
- श्रमिकों के आधार कार्ड, बैंक खाता, गार्डन ID आदि का सत्यापन किया जाता है।
- सत्यापित सूची संबंधित जिला प्रशासन/श्रम विभाग को भेजी जाती है।
- पात्र श्रमिकों के बैंक खाते में ₹5000 सीधे ट्रांसफर (DBT) किए जाते हैं।
- राशि ट्रांसफर होने पर बैंक या प्रशासन से सूचना मिल सकती है।
- जरूरी बातें
- कोई ऑनलाइन आवेदन पोर्टल नहीं
- कोई आवेदन शुल्क नहीं
- लाभ स्वतः (Automatic) मिलता है, अगर आप पात्र हैं
- बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी है
- अगर पैसा नहीं आया तो क्या करें?
- अपने चाय बागान ऑफिस से संपर्क करें
- गार्डन सुपरवाइजर / यूनियन प्रतिनिधि से जानकारी लें
- जिला श्रम कार्यालय (Labour Office) में शिकायत दर्ज करें.
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